Contact for Advertisement 9354759354


Religious Homework Controversy: दूसरी कक्षा के बच्चों को ‘कलमा’ पढ़ने का दिया होमवर्क, महिला टीचर हुई बर्खास्त

- Photo by : social media

तेलंगाना  Published by: Shikha , तेलंगाना  Edited By: Shikha, Date: 16/07/2026 02:44:37 pm Share:
  • तेलंगाना
  • Published by: Shikha ,
  • Edited By.: Shikha,
  • Date:
  • 16/07/2026 02:44:37 pm
Share:

संक्षेप

तेलंगाना: हैदराबाद के सईदाबाद इलाके से एक संवेदनशील और विवादित मामला सामने आया है, जहां एक स्कूल में दूसरी कक्षा के छात्रों को कथित तौर पर धार्मिक होमवर्क दिए जाने को लेकर जमकर हंगामा हुआ।

विस्तार

तेलंगाना: हैदराबाद के सईदाबाद इलाके से एक संवेदनशील और विवादित मामला सामने आया है, जहां एक स्कूल में दूसरी कक्षा के छात्रों को कथित तौर पर धार्मिक होमवर्क दिए जाने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विवाद बढ़ने के बाद स्कूल प्रबंधन ने कार्रवाई करते हुए संबंधित महिला टीचर को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। साथ ही उन्हें संस्थान के अन्य स्कूलों में भविष्य में नौकरी के लिए भी अयोग्य घोषित कर दिया गया है।

बच्चो को कलमा याद करने का मिला होमवर्क

जानकारी के मुताबिक, मामला सईदाबाद स्थित एक निजी स्कूल का है। आरोप है कि यहां कक्षा 2 में पढ़ने वाले बच्चों को कथित रूप से ‘कलमा’ याद करने और धार्मिक विषय से जुड़ा होमवर्क दिया गया था। जब कुछ अभिभावकों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने इस पर आपत्ति जताई और मामले की शिकायत पुलिस व स्कूल प्रबंधन से की। मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन ने जांच के बाद संबंधित महिला शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की। 15 जुलाई को जारी किए गए टर्मिनेशन आदेश में स्कूल प्रबंधन ने शिक्षिका की सेवाएं समाप्त करने की जानकारी दी। आदेश में यह भी कहा गया कि उन्हें भविष्य में संस्थान के किसी भी स्कूल में नौकरी के लिए आवेदन करने की अनुमति नहीं होगी।

अभिभावकों ने किया स्कूल के खिलाफ प्रदर्शन 

इस घटना के बाद स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन भी हुआ। कुछ अभिभावकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बच्चों की शिक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह का धार्मिक दबाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्कूल की मान्यता रद्द करने और मामले की विस्तृत जांच की मांग भी उठाई।वहीं, कुछ राजनीतिक नेताओं ने इस मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि बच्चों की पढ़ाई से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक पूरे मामले पर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्कूल प्रशासन की कार्रवाई के बाद भी यह विवाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।