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Tiger's Death in MP : बाघों की लगातार मौत बना चिंता का विषय, वनविभाग पर उठाए उठे सवाल 

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मध्य प्रदेश  Published by: md anish , मध्य प्रदेश  Edited By: md anish, Date: 25/04/2026 02:14:03 pm Share:
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  • Edited By.: md anish,
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  • 25/04/2026 02:14:03 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: बाघों की सुरक्षा को लेकर प्रसाशन पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे है।

विस्तार

मध्य प्रदेश: बाघों की सुरक्षा को लेकर प्रसाशन पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे है। कान्हा टाइगर रिजर्व में एक बाघ शावक और बालाघाट जिले में एक वयस्क बाघ की मौत के बाद राज्य में इस साल जनवरी से अब तक बाघों की मौत का आंकड़ा 23 पर पहुंच गया है। वर्ष 2022 में की गई बाघों की जनगणना के अनुसार देश में सबसे अधिक 785 बाघों का घर रहा है, लेकिन मध्य प्रदेश लगातार बढ़ती बाघों की मौत चिंता का  कारण बना हुआ है और वनविभाग पर भी गंभीर सवाल खड़े होते है। 

कान्हा के कोर एरिया में मिला शावक का शव 

कान्हा टाइगर रिजर्व के सरगी क्षेत्र में गुरुवार की शाम को एक बाघ और शावक का शव मिलने से टाइगर रिजर्व में हड़कंप मच गया। केटीआर की उपनिदेशक अमिताबी ने बताया कि शावक की उम्र एक से डेढ़ वर्ष के बीच रही होगी।  यह इलाका मंडला और बालाघाट जिलों में फैले कान्हा के कोर क्षेत्र का हिस्सा है। हालांकि शावक के शव को अभी पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। 

भूख बना शावक की मौत का कारण 

वन विभाग के अनुसार शुरुआती जांच में शावक की मौत का कारण भूख लगना माना जा रहा है। उपनिदेशक ने बताया कि संभव है कि बाघिन ने समय पर अपने शावक को दूध या भोजन नहीं दिया हो। इसी बाघिन के एक और शावक की मौत तीन दिन पहले हो चुकी है। इस बाघिन ने कुल चार शावकों को जन्म दिया था, जिनमें से अब दो की मृत्यु हो चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि की बाघिन और उसके दो जीवित शावकों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि कोई और अनहोनी न हो। कान्हा जैसे प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व में ऐसी घटनाएं वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं। इसी दौरान बालाघाट जिले के उत्तर वन मंडल क्षेत्र में एक पूरी तरह विकसित वयस्क बाघ का शव भी मिला है। अधिकारियों के अनुसार इस बाघ की मौत के कारणों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही असली कारण स्पष्ट होगा।

इस साल अब तक 23 बाघों की मौत

नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी के आंकड़ों के अनुसार 21 अप्रैल तक मध्य प्रदेश में 21 बाघों की मौत दर्ज की गई थी।हालांकि दो मौतों के बाद यह संख्या बढ़कर 23 हो गई है। इस साल पहली बाघ मृत्यु 7 जनवरी 2026 को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हुई थी। 2 अप्रैल के बाद से अब तक नौ बाघों की मौत हो चुकी है।


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