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Trending News: गौ सम्मान दिवस पर गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने का लिया गया संकल्प
- Photo by : social media
संक्षेप
राजस्थान: राजस्थान के डूंगरपुर जिले के साबला तहसील में 27 अप्रैल 2026 को गौ सम्मान दिवस के अवसर पर एक व्यापक जनजागरण एवं संकल्प अभियान का आयोजन किया गया।
विस्तार
राजस्थान: राजस्थान के डूंगरपुर जिले के साबला तहसील में 27 अप्रैल 2026 को गौ सम्मान दिवस के अवसर पर एक व्यापक जनजागरण एवं संकल्प अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में गौ माता को “राष्ट्र माता”, “राष्ट्र देव”, “राष्ट्र आराध्या” और “राष्ट्र धरोहर” का सम्मान प्रदान करने की मांग को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों ने एकजुट होकर आवाज उठाई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गौ संरक्षण, गौ संवर्धन और गौ माता के सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाना रहा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित गौ भक्तों, सनातन धर्मावलंबियों, संतों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने का संकल्प लिया। साबला तहसील के सभी गांवों से आए प्रतिनिधियों ने उपखंड कार्यालय (SDM कार्यालय) में एक संयुक्त प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इस ज्ञापन में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, गौ संरक्षण के लिए विशेष बजट आवंटित करने तथा प्रत्येक जिले में गौ चिकित्सालय स्थापित करने की मांग की गई। साथ ही यह भी आग्रह किया गया कि गौ माता को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानजनक दर्जा प्रदान किया जाए। इस अवसर पर व्यापक स्तर पर जनजागरण अभियान भी चलाया गया, जिसमें पर्चों और प्रचार सामग्री के माध्यम से लोगों को गौ संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और कुल 1551 हस्ताक्षरों के माध्यम से इस मांग को समर्थन दिया, जिन्हें सरकार तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। इस अभियान में लगभग 320 लोगों की उपस्थिति रही, जिनमें संत, गौ सेवक, मातृशक्ति और युवा कार्यकर्ता शामिल थे। सभी ने एक स्वर में गौ संरक्षण को भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा बताते हुए इसे राष्ट्रीय नीति का हिस्सा बनाने की मांग की।कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि गौ माता केवल धार्मिक आस्था का विषय ही नहीं, बल्कि भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि प्रणाली और पर्यावरण संतुलन का भी आधार है। इसलिए उनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। अभियान के अंत में यह संदेश दिया गया कि यदि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा मिलता है तो यह न केवल सांस्कृतिक गौरव का विषय होगा, बल्कि सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। यह आयोजन साबला क्षेत्र में गौ सम्मान और गौ संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता का प्रतीक माना जा रहा है, जिसने स्थानीय स्तर पर एक मजबूत सामाजिक संदेश दिया है।
